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डिजिलॉकर - ऑनलाइन दस्तावेज़ भंडारण सुविधा

डिजिटल लॉकर डिजिटल भारत कार्यक्रम - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडो में खुलती है के तहत प्रमुख पहलों में से एक है। इसका एक बीटा संस्करण इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई), भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है। डिजिटल लॉकर का उद्देश्य भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को कम करना और एजेंसियों के बीच में ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान को सक्षम करना है। इस पोर्टल की मदद से ई-दस्तावेजों का आदान-प्रदान पंजीकृत कोष के माध्यम से किया जाएगा, जिससे ऑनलाइन दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी। आवेदक अपने इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को अपलोड कर सकते है और डिजिटल ई-साइन सुविधा का उपयोग कर उन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इन डिजिटली हस्ताक्षरित दस्तावेजों को सरकारी संगठनों या अन्य संस्थाओं के साथ साझा किया जा सकता है।

डिजिटल लॉकर प्रणाली के निम्नलिखित उद्देश्य हैं

  • क्लाउड पर डिजिटल लॉकर प्रदान करने के द्वारा आवेदक का डिजिटल सशक्तिकरण
  • दस्तावेजों को ई-हस्ताक्षर सक्षम बनाकर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑनलाइन उपलब्ध बनाना जिससे भौतिक दस्तावेजों का उपयोग कम से कम हो
  • ई दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करके फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को खत्म करना
  • वेब पोर्टल एवं मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से नागरिकों को सरकार द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों का सुरक्षित अभिगम प्रदान करना
  • सरकारी विभागों और एजेंसियों के प्रशासकीय उपरिव्यय को कम करना एवं नागरिकों के लिये सेवा प्राप्त करना आसान बनाना
  • नागरिकों हेतु दस्तावेजों के कभी भी- कहीं भी पहुंच प्रदान करना
  • ओपन और इंटरऑपरेबल मानकों पर आधारित संरचना प्रदान करना जिससे अच्छी तरह से संरचित मानक दस्तावेज़ के माध्यम से विभागों और एजेंसियों के बीच दस्तावेजों को आसानी से साझा किया जा सके
  • आवेदक के आंकड़ों लिए गोपनीयता और अधिकृत पहुँच सुनिश्चित करना

डिजिटल लॉकर प्रणाली के घटक

रिपोजिटरी ई दस्तावेजों का संग्रह है जो जारीकर्ता द्वारा एक मानक प्रारूप में अपलोड की गई और मानक एपीआई के द्वारा सुरक्षित तरीके से वास्तविक समय में खोज और उपयोग के लिये उपलब्ध है।

एक्सेस गेटवे एक सुरक्षित ऑनलाइन तंत्र है जिससे अनुरोधकर्ता वास्तविक समय में यूआरआई (यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स संकेतक) का उपयोग करके प्राप्त कर सकते हैं। यूआरआई एक कोष में जारीकर्ता द्वारा अपलोड की गई ई-दस्तावेज़ के लिए एक कड़ी है। यूआरआई के आधार पर गेटवे कोष का पता पहचान करेगा और उस कोष से ई-दस्तावेज को प्रस्तुत करेगा।

डिजिटल लॉकर

  • प्रत्येक आवेदक के आधार से जुड़ा हुआ 10MB का समर्पित व्यक्तिगत भंडारण स्पेस, जहॉ सुरक्षित रूप से ई-दस्तावेजों एवं यूआरआई लिंक को संग्रहित एवं एक्सेस किया जा सके
  • अनुरोधकर्ताओं के साथ सुरक्षित ई-दस्तावेजों की साझेदारी
  • वर्तमान में वेब पोर्टल के माध्यम से सुलभ, भविष्य में मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी सुलभ कराया जाएगा
  • डिजिटल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए इंटीग्रेटेड ई-साइन सेवा (ई-साइन विवरणिका देखें)।

डिजिटल लॉकर पोर्टल

  • आधार संख्या का उपयोग कर डिजिटल लॉकर के लिए साइन अप करने के लिए digitallocker.gov.in - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडो में खुलती है पर जाएँ।
  • आवेदक डिजिटल लॉकर प्रणाली पर पंजीकृत जारीकर्ता और अनुरोधकर्ताओं की सूची देख सकते हैं।

ई – हस्ताक्षर सेवाएं

इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर करने के लिए, हस्ताक्षरकर्ता को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 के तहत प्रमाण पत्र प्राधिकरण (सीसीए) के नियंत्रक द्वारा प्रमाणन प्राधिकरण (सीए) से एक डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र (डीएससी) प्राप्त करना आवश्यक है। प्रमाणन प्राधिकरण द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र जारी करने से पहले हस्ताक्षरकर्ता की पहचान और उसके पते का सत्यापन किया जाना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर बनाने के लिए इस्तेमाल प्राइवेट-की हार्डवेयर क्रिप्टोग्राफिक टोकन में संग्रहित है जिसे पासवर्ड/पिन के द्वारा सुरक्षित किया गया है। व्यक्ति की भौतिक उपस्थिति, कागज दस्तावेज़ आधारित पहचान, पते का सत्यापन और हार्डवेयर क्रिप्टोग्राफिक टोकन जारी करने की यह मौजूदा शैली एक अरब से अधिक जनसंख्या के लिए उपयुक्त नहीं है। पूर्ण रुप से कागज रहित नागरिक सेवाओं के लिए, डिजिटल हस्ताक्षर को बड़े पैमाने पर अपनाना आवश्यक है। भारत सरकार ने इन खामियों को दूर करने के लिए इलेक्ट्रानिकी एंव सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार एंव सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माध्यम से सभी को ऑनलाइन सेवा का उपयोग करने की सुविधा प्रदान की है, जिसमें सभी नागरिकों को डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की अनुमति है।

ई-हस्ताक्षर क्या है?

ई-हस्ताक्षर, आधार धारक द्वारा ऑनलाइन सेवा का उपयोग कर दस्तावेजों पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने की सुविधा है। ई-हस्ताक्षर को आधार ई-केवाईसी सेवा के माध्यम से हस्ताक्षरकर्ता के प्रमाणीकरण का उपयोग कर डिजिटल हस्ताक्षर को लागू करने के लिए बनाया गया है। यह एक एकीकृत सेवा है, जो डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र जारी करने और आधार धारक का प्रमाणीकरण के अनुरोध के डेटा पर हस्ताक्षर करने की सुविधा प्रदान करती है। ई- हस्ताक्षर सेवा का लाभ उठाने के लिए उपयोगता के पास आधार होना अनिवार्य है।

ई- हस्ताक्षर द्वारा किस प्रकार से लाभ होने की उम्मीद है?

डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कहीं भी, कभी भी जानकारी प्राप्त करने के लिए आसान और सुरक्षित- ई- हस्ताक्षर एक ऑनलाइन सेवा है, जो आवेदन सेवा प्रदाताओं तथा हस्ताक्षरकर्ताओं को प्रमाणित और आधार ई-केवाईसी सेवा का उपयोग कर दस्तावेजों की डिजिटल हस्ताक्षर प्रदर्शन करने की कार्यक्षमता प्रदान करता है। इसके इस्तेमाल के लिए हार्डवेयर टोकन का प्रयोग आवश्यक नहीं हैं।